जब कर्म ही लक्ष्य हो जाए और सफर मंजिल, तो जीवन ‘तृप्ति’ हो जाती है और इंसान योगी.
शुक्रवार, 11 मार्च 2011
शुक्रवार, 4 मार्च 2011
सूत्र - 115
शनिवार, 26 फ़रवरी 2011
शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011
शनिवार, 5 फ़रवरी 2011
रविवार, 26 दिसंबर 2010
सोमवार, 13 दिसंबर 2010
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