रविवार, 20 दिसंबर 2009

सूत्र-44


संघर्ष है तो जीवन में गति, रस और आखिर में सृजन है...

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुंदर रचना है। ब्लाग जगत में द्वीपांतर परिवार आपका स्वागत करता है।


    pls visit........

    www.dweepanter.blogspot.com

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  2. ...लेकिन लक्श हमारा संघर्शहीनता है....ऍं....!

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